रानीखेत (अल्मोड़ा)। वनाग्नि सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और वन महकमा मुस्तैद हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने यहां एफआरएच में वनाधिकारियों और वन पंचायत सरपंचों की बैठक लेकर फायर सीजन को लेकर विशेष मंत्रणा की। घटनाओं को रोकने के लिए वन पंचायतों को सक्रिय करने और ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निर्देश दिए। सरपंचों से भी वनाग्रि सुरक्षा को लेकर सुझाव मांगे गए।
जिला स्तरीय वनाग्नि प्रबंधन समिति की बैठक में डीएम बंसल ने कहा कि हर साल दावानल की घटनाएं बढ़ रही हैं। लाखों हेक्टेयर वन और बेशकीमती जड़ी-बूटियां राख हो जाती हैं। वन पंचायत सरपंचों और ग्रामीणों के साथ विभाग को नियमित समन्वय स्थापित करना होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से तैयारियों का जायजा भी लिया।
अधिकारियों ने बताया कि इस बार विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वन पंचायतों को सक्रिय करने के साथ ही महिला सरपंचों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। पंचायतों को उचित बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा। जिले में नए 167 क्रू स्टेशन बनाए जाएंगे। वन पंचायतों में 15-15 फायर वाचर रखे जाएंगे।
दावानल की घटनाएं कम हों इसके लिए कंट्रोल बर्निंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह कार्य 15 फरवरी तक जारी रहेगा। इस अवसर पर एसएसपी डीएस कुंवर, एसडीएम रजा अब्बास, डीएफओ एस प्रजापति, आरसी शर्मा, बीके सिंह, एसडीओ पृथ्वीराज सिंह, तहसीलदार नितेश डांगर, वन क्षेत्राधिकारी दीवानी राम, सीओ कमल राम, वन पंचायत विकस समिति के प्रदेश प्रवक्ता भूपाल भंडारी, सरपंच कमला कैड़ा, रमेश चंद्र, दीप सिंह, महेंद्र सिंह, नयन पंत सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।