डीएम सविन बंसल ने बुधवार को जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति की बैठक ली। बैठक में 9.85 करोड़ बजट का अनुमोदन भी किया गया। इसमें डीएम ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए ग्रामीणों को कृषि के साथ ही उद्यान, जलागम, लघु उद्योगों से जोड़ना होगा।
डीएम ने कहा कि स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में तटबंध बनाने सहित अन्य कार्यों में ग्रामीणों की सहभागिता हो। इससे जहां उन्हें मजदूरी का अंशदान मिलेगा, वहीं वह कृषि उद्यानीकरण की ओर अग्रसर होंगे।
उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, अतिरिक्त सिंचन क्षमता विकास, एकीकृत बहुउद्देश्यीय जल संभरण टैंक निर्माण, मृदा, जल संरक्षण के साथ ही मत्स्यपालन, घासरोपण, पॉलीहाउस, मुर्गीबाड़ा आदि योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने को कहा।
इन योजनाओं के लिए 985.44 लाख बजट का अनुमोदन किया गया। जिसके अंतर्गत कृषि एवं भूमि संरक्षण इकाई अल्मोड़ा, बागेश्वर, रानीखेत, भिकियासैंण ब्लाकों में चयनित गांवों में इन परियोजनाओं के अतर्गत कार्य कराए जाएंगे। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने योजनाओं की जानकारी दी।
उन्नतशील कृषक किशोर नयाल, चंद्रशेखर लोहनी, प्रमोद लोहनी ने सुझाव दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पॉलीहाउस किसानों से समन्वय स्थापित कर लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि वह योजनाओं का लाभ उठाकर सब्जी उत्पादन कर लाभ कमा रहे हैं। बैठक में कृषि समेत कृषि एवं भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारी मौजूद थे।