दियारी-काचूला सड़क पर इस तरह टूटे हैं कलमठ और सुरक्षा दीवार।
धौलछीना (अल्मोड़ा)। अल्मोड़ा-सेराघाट मुख्य मार्ग से सात गांवों को जोड़ने वाली दियारी-काचूला सड़क लोगों को राहत कम दर्द अधिक दे रही है। कलमठ क्षतिग्रस्त होने से सड़क संकरी हो गई है और इन गांवों तक एंबुलेंस व रसोई गैस वाहन का पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे में ग्रामीण मरीजों को टैक्सी बुक कर अस्पताल पहुंचाने के लिए मजबूर हैं।
दियारी-काचूला सड़क मटकूड़ा, बमनगांव, टांगड़ी, पत्थरखानी, सगवाड़ा सहित सात गांवों को जोड़ती है। पिछले वर्ष की आपदा में कई जगह कलमठ और सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गए थे जो नहीं बन सके हैं। इस कारण संकरी सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही ठप है।
ऐसे में इन गांवों तक न तो 108 एंबुलेंस पहुंच पा रही है और न ही रसोई गैस के वाहन जिससे तीन हजार से अधिक की आबादी परेशान है। ग्रामीण टैक्सी वाहन बुक कर मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहे हैं। लोगों को अधिक किराया देकर धौलछीना से गैस सिलिंडर लेना पड़ रहा है। बताने के बावजूद ग्रामीणों की परेशानी नहीं सुलझ सकी है।
टूटे कलमठों में भर दी मिट्टी
धौलछीना (अल्मोड़ा)। पिछले साल टूटे कमलठों का नवनिर्माण नहीं किया गया लेकिन इन पर मिट्टी भरकर औपचारिकता निभा दी गई। पिछले दिनों हुई बारिश में कमलठ में पानी भरने से मिट्टी बह गई। इससे वहां गहरे गड्ढे बन गए जिस पर छोटे वाहनों की आवाजाही भी खतरनाक बनी है। बीडीसी सदस्य सदस्य प्रेमा आर्य ने कहा कि टूटे कलमठों में मिट्टी भरना गलत है। ऐसे में इस सड़क का लाभ नहीं मिल सका है।
बजट न मिलने के कारण टूटे कलमठों को नहीं सुधारा जा सका। इसका प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इनका निर्माण शुरू होगा। - मुकुल गिरी, जेई, पीएमजीएसवाई, अल्मोड़ा।