पदक प्राप्त अधिकारियों और जवानों के साथ ले. जनरल बीएस नेगी।
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कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र का दीवान सिंह हाल मंगलवार को जांबाज सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का गवाह बना। सेना की मध्य कमान की ओर से आयोजित अलंकरण समारोह में सेना कमांडर ले. जनरल बीएस नेगी ने विपरीत परिस्थितियों में देश के लिए अदम्य साहस दिखाने वाले 57 सैन्य कर्मियों को बहादुरी और विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया। इस दौरान दो सैनिकों को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया गया। शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं ने यह पुरस्कार प्राप्त किए।
जम्मू-कश्मीर सहित तमाम दुर्गम क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों में आतंकियों के खिलाफ अदम्य साहस दिखाने वाले वीर सैनिकों को यहां अलंकरण समारोह में सम्मानित किया गया। सेना कमांडर ले. जनरल बीएस नेगी ने इस दौरान चार युद्ध सेवा मेडल, एक सेना मेडल (मरणोपरांत), छह सेना मेडल वीरता), सात सेना मेडल (विशिष्ट सेवा), एक वार टू विशिष्ट सेवा मेडल, 14 विशिष्ट सेवा मेडल, छह जीओसी इनसी यूनिट प्रशस्ति पत्र, 18 सूर्या ट्राफी, एक सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक और एक जीवन रक्षा पदक प्रदान किए गए।
विभिन्न गतिविधियों में शानदार प्रदर्शन करने वाले मध्य कमान की छह यूनिटों को भी जीओसी इनसी ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। उत्तम सेवा के लिए उन्होंने मध्यम कमान की 17 यूनिटों को सूर्या उत्तम सेवा प्रदाता ट्राफी प्रदान की। पदक प्रदान करते हुए ले. जनरल ने वीर सैनिकों के साहस की सराहना की, उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में देशभक्ति का जज्बा कूटकूट कर भरा हुआ है। जवान और अधिकारी विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का परिचय दे रहे हैं। इन जवानों की वीरता सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्योछावर करने का आह्वान किया और देशवासियों के विश्वास को कायम रखने पर जोर दिया। अलंकरण समारोह में कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के कमांडेंट ब्रिगेडियर अतेश चहार, पूर्व ले. जनरल मोहन चंद्र भंडारी, पूर्व एडमिरल डीके जोशी सहित तमाम अधिकारी और जवान मौजूद थेे।