रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत जिले की मांग को लेकर अभियान रानीखेत जिला ने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। यहां सुभाष चौक पर हुई अभियान की बैठक में तय हुआ कि 27 सितंबर को बाजार में जुलूस, प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए अभियान के संयोजक डीएन बड़ोला ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उचित समय आने पर रानीखेत जिले का निर्माण करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। जिला न बनने से रानीखेत शहर निरंतर पलायन की चपेट में है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया पर अभियान जिला रानीखेत ने पिछले दो सालों से अभियान चलाया हुआ है। इस बीच कई लोगों के वीडीओ संदेश भी लिए गए हैं। जिला न बनने से लोगों में आक्रोश है। पूर्व में स्मृति धरना, प्रदर्शन भी किए गए हैं।
वक्ताओं ने कहा कि आसपास के क्षेत्रों से भी जिले की मांग उठाकर लोग रानीखेत जिले के औचित्य पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पूरा उपमंडल पहले रानीखेत तहसील का हिस्सा रहा है। रानीखेत जिले की मांग सर्वाधिक पुरानी है।
ऐसे में रानीखेत को जिला बनाना जरूरी है। बैठक पूर्व एमएलसी बीडी शर्मा, छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, मनोज कुमार अग्रवाल, नारायण सिंह बिष्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष भगवंत सिंह नेगी, देवी दत्त कबडवाल, डॉ. रामजी जोशी, कामरान कुरैशी, दीप चंद्र भगत, हेम बुधोरी, हरीश चंद्र जोशी, चंदन जोशी, नीरज भंडारी आदि थे।