अल्मोड़ा। आगामी एक जून से जिला पंचायत के किराएदारों को 23 फीसदी अधिक किराया अदा करना होगा। जिला पंचायत किराया कर निर्धारण समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। समिति ने सभी किराएदारों को एक पखवाड़े के भीतर इस संबंध में अनुबंध भरवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती मेहरा ने कहा कि किराएदार पूर्ण सहयोग जिला पंचायत को दे रहे हैं। गत 13 अक्तूबर को हुई बैठक में किराए में 30 फीसदी की वृद्धि का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था पर कतिपय किराएदारों ने इस निर्णय पर लिखित में आपत्ति प्रस्तुत की थी कि समिति ने किराए में काफी बढ़ोतरी कर दी है। मांग की थी कि पुन: बैठक कर इसे संशोधित किया जाए।
किराएदारों की आपत्ति को देखते हुए सोमवार को पुन: समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें जिला पंचायत के किराएदारों ने भी भाग लिया। कुछ किराएदारों ने सुझाव रखा कि नए अनुबंध पत्र को निरस्त कर पूर्व की दर से ही किराया लिया जाए। जिला पंचयात सदस्य बलवंत भाकुनी ने कहा कि यदि किसी मूल किराएदार ने आवंटित किराए की संपत्ति को उप किराए (सेबलेट) पर दिया तो जिला पंचायत बिना किसी पूर्व सूचना के संप्ित्त का आवंटन निरस्त कर देगी।
समिति ने 13 अक्तूबर को हुई बैठक में 30 फीसदी किराए की बढ़ोतरी को सात फीसदी घटाते हुए किराया बढ़ोत्तरी 23 फीसदी करने का निर्णय लिया। सभी किराएदारों से अनुबंध पत्र एक पखवाड़े के भीतर भरवाने को कहा। यह भी तय हुआ कि जिन किराएदारों ने पूर्व पारित निर्णय के अनुसार 30 फीसदी बढ़ा हुआ किराया जमा किया है उनका किराया समायोजित किया जाएगा।
बैठक में वित्तीय परामर्शदाता केसी चतुर्वेदी, जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र सिंह नेगी, सलाहकार कृष्ण सिंह बिष्ट, प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी आशा आर बिष्ट, प्रशासनिक अधिकारी सतीश पांडे, भगवती परिहार, गोविंद सिंह महरा, नंदन सिंह बगडवाल, वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक शिव शंकर चिलवाल, प्रताप सिंह बिष्ट आदि ने भाग लिया।