अल्मोड़ा। उत्तराखंड को भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील बताते हुए युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष कुन्दन लटवाल ने कहा कि सरकार अब आपदा प्रबंधन को माइक्रो लेवल तक मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत प्रदेश की 7813 ग्राम पंचायतों को इकाई मानकर महिला और युवक मंगल दलों को आपदा राहत एवं बचाव का प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 7057 महिला और 6811 युवक मंगल दल पंजीकृत हैं। कुल 13,868 मंगल दलों के 11-11 सदस्यों को प्रशिक्षण मिलने से बड़ी संख्या में स्थानीय प्रशिक्षित स्वयंसेवक उपलब्ध होंगे। इन्हें ‘मंगल मित्र’ के रूप में आपदा के दौरान सुरक्षा की पहली पंक्ति के तौर पर तैयार किया जाएगा।मंगल दलों को एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों को राहत-बचाव के आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराने की योजना है। लटवाल ने वड्यूड़ा आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित दल मौजूद होने से रेस्क्यू शुरू करने में लगने वाला समय कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिमालय तभी सुरक्षित रहेगा, जब हम यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखेंगे।