कनिष्ठ अभियंता और अपर सहायक अभियंता के पद पर कुल दस वर्ष की सेवा के बाद प्रथम प्रोन्नत वेतनमान पीबी-3 ग्रेड पे 5400 देने समेत अन्य मांगें पूरी नहीं होने से नाराज डिप्लोमा इंजीनियर्स नौवें दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे। हड़ताल से निर्माण और विकास कार्य पूर्ण रूप से ठप पड़े हैं।
हड़ताली इंजीनियरों की शक्ति सदन में हुई सभा में वक्ताओं ने कनिष्ठ अभियंता पद का वेतनमान एक जनवरी से 4600 ग्रेड पे करने, अधीक्षण अभियंता का वेतनमान केंद्र की तरह करने, अपर सहायक अभियंता के पद को पदोन्नति का पद नहीं मानते हुए नान फंक्शनल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियरों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अध्यक्षता नीरज जोशी और संचालन विनोद सनवाल ने किया। बैठक में संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजेंद्र जोशी, अनुशासन समिति के अध्यक्ष मनीष वर्मा, उपाध्यक्ष गोविंद भट्ट, बीडी पालीवाल, तारा मोहन लोहनी, संजय नयाल, एमएल वर्मा, कमल पालीवाल, राजेंद्र गिरी, मदन सिंह भंडारी, सुरेश जोशी, सुधीर वर्मा, आरपी पांडे, कमल गोयल, पीके पांडे, जीसी पांडे, आलोक जोशी, भावना पंत, केएन सती, विश्वमोहन गिरी, हरीश मर्तोलिया, संजय आर्या, रक्षित वर्मा, गिरीश जोशी, सुरेश डंगवाल, आरपी पांडे, राजेंद्र लाल शाह, गौरव बिष्ट, सिद्धार्थ साह आदि मौजूद थे।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड पेयजल निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर कर्मचारियों ने जल निगम डिविजन नौला में तीसरे दिन भी तालाबंदी कर धरना दिया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार द्वारा निगम के एकीकरण तथा राजकीयकरण का शासनादेश नहीं होने पर रोष जताया।
उन्होंने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। सभा की अध्यक्षता अधिशासी अभियंता महेंद्र सिंह तथा संचालन राजेंद्र सिंह अधिकारी ने किया। धरने में एई केएन सेमवाल, अभियंता राजेंद्र भौर्याल, सीमा बिष्ट, त्रिलोचन चंद्र, भगवती प्रसाद लखेरा, रमेश चंद्र, हर सिंह, गोपाल राम, राजेंद्र सिंह बिष्ट आदि बैठे।