अल्मोड़ा। जिले में डिजिटल स्वास्थ्य सेवा की सुविधा ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है। वर्ष 2020 में शुरू की गई ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन कंसल्टेशन सेवा के तहत अब तक दो लाख से अधिक लोगों को घर बैठे चिकित्सकीय परामर्श मिल चुका है।
यह सेवा एलोपैथी, आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों में उपचार के लिए उपलब्ध है। मरीज मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से जुड़ सकते हैं। इससे उनका समय और यात्रा खर्च भी बच रहा है। खासकर दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इससे काफी राहत मिली है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहुंच सीमित होती थी।
सीएमओ का कहना है कि पांच साल पहले हुई इस सुविधा के बारे में अधिक लोगों को जानकारी नहीं थी। धीरे-धीरे जागरूकता बढ़ी तो लोग इस सुविधा का लाभ लेने लगे।
कोरोनाकाल में पकड़ी टेलीमेडिसिन सेवा ने रफ्तार
वर्ष 2020 में जब कोविड-19 महामारी के कारण जिले में लॉकडाउन लगा और लोग घरों में सीमित हो गए। तब यह सेवा एक बड़ी राहत बनकर सामने आई। अस्पतालों में भीड़ से बचने और संक्रमण के डर से लोगों ने घर से ही टेली कंसल्टेशन के माध्यम से डॉक्टरों से सलाह ली।
कोट
टेलीमेडिसिन कंसल्टेशन सेवा से लोग लगातार जुड़ रहे हैं। इससे नगर और ग्रामीण क्षेत्र के लोगाें को लाभ मिल रहा है। यह सेवा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत आधार बनेगी। - डॉ. नवीन चंद्र जोशी, सीएमओ