संयुक्त निदेशक चिकित्सा डा.मीनाक्षी उनियाल ने पीपीपी मोड में संचालित सीएचसी का निरीक्षण कर खामियां सुधारने की हिदायत दी है। व्यवस्थाओं से असंतुष्ट डा.उनियाल ने कहा कि पीपीपी मोड जन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया है।
पीपीपी मोड में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण को पहुंचीं संयुक्त निदेशक चिकित्सा डा. मीनाक्षी उनियाल ने प्रत्येक कक्ष का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने की सख्त हिदायत दी है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न रजिस्टर, दवा का स्टॉक और वैक्सीन कक्ष आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 12 के सापेक्ष सात चिकित्सक उपस्थित मिले जबकि अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ी थी।
इस दौरान एडिशनल सीएमओ डा. एके सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.अमजद खान, डा. विवेक पंत, पीपीपी मोड के स्थानीय प्रबंधक भरत बिष्ट और अतुल सक्सेना आदि मौजूद थे। निरीक्षण के बाद अमर उजाला से संक्षिप्त बातचीत में संयुक्त निदेशक डा. उनियाल ने बताया कि पीपीपी मोड में संचालित स्वास्थ्य केंद्र अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह यहां की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नहीं हैं। रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अल्ट्रासाउंड बंद पड़ा है। महत्वपूर्ण पदों में डाक्टर नहीं हैं। जो हैं भी उनमें अपवादों को छोड़ अनुभवहीन हैं। इधर एडिशनल सीएमओ डा. एके सिंह ने बताया कि पीपीपी मोड के प्रबंध तंत्र और संबंधित डाक्टरों आदि से खामियां तुरंत दूर करने को कह दिया गया है।