बागेश्वर। जिला अस्पताल में हंस फाउंडेशन की ओर से संचालित डायलिसिस सेंटर में मरीजों के सापेक्ष उपचार की क्षमता कम पड़ रही है। सेंटर में 33 मरीजों को डायलिसिस की सेवा दी जा रही है। 39 मरीजों को डायलिसिस के लिए जनवरी तक की वेटिंग दी गई है। सेंटर में एक समय में महज छह मरीजों का ही डायलिसिस किया जा रहा है।
जिले में किडनी के मरीज तेजी से बड़ रहे हैं। हंस फाउंडेशन की ओर से संचालित सेंटर में रोजाना एक से दो मरीज डायलिसिस के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन सेंटर में सीमित साधन होने से मरीजों को डायलिसिस की सेवा के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है। डायलिसिस सेवा का लाभ ले रहे अधिकांश मरीज को सप्ताह में दो दिन सेवा दी जा रही है। 20 प्रतिशत मरीजों सप्ताह में तीन दिन डायलिसिस की जरूरत पड़ रही है। डायलिसिस के लिए सेंटर में रोजाना छह-छह घंटे की दो शिफ्ट चलाई जा रहीं है। एक शिफ्ट में छह मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है। एक शिफ्ट के बाद एक घंटे का समय मशीनों की सफाई में लगता है। मरीजों में बढ़ रही डायलिसिस की जरूरत को देखते हुए जिले में संचालित डायलिसिस सेंटर की क्षमता बढ़ाए जाने की मांग की जाने लगी है।