अस्पताल में खड़ी खुशियों की सवारी।
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नवजात और प्रसूता को सरकारी अस्पताल से घर तक पहुंचाने के लिए सरकार ने खुशियों की सवारी वाहन की निशुल्क व्यवस्था कर रखी है पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौलादेवी में यह सेवा एक महीने से ठप है। इस कारण जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। टायर घिसने से वाहन अस्पताल परिसर में खड़ा है। संबंधित कंपनी वाहन में नए टायर नहीं लगा रही है। कई बार सूचना देने के बाद भी खुशियों की सवारी सेवा दे रही कंपनी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। इससे गरीब परिवारों को काफी परेशानी हो रही है।
धौलादवी अस्पताल में प्रतिदिन औसतन दो से तीन प्रसव होते हैं। प्रसव के उपरांत मां और नवजात को घर के नजदीकी स्टेशन तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए सरकार ने खुशियों की सवारी योजना के तहत निशुल्क वाहन सेवा की व्यवस्था कर रखी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वाहन उपलब्ध है पर पिछले एक महीने से यह सेवा ठप पड़ी है।
अस्पताल के डा. बीबी जोशी ने बताया कि खुशियों की सवारी सेवा को जीवीके कंपनी द्वारा संचालित किया जाता है। वाहन के टायर घिस जाने पर चालक ने वाहन खड़ा कर दिया है। सेवा का संचालन कर रही कंपनी के अल्मोड़ा और देहरादून स्थित कार्मिकों को सूचना दे दी गई है, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है। सेवा बाधित होने से जरूरतमंदों को परेशानी हो रही है। मालूम हो कि सेवा प्रदाता कंपनी ने हाल में ही खुशियों की सवारी वाहनों में 25 हजार से अधिक कीमत का जीपीएस सिस्टम भी लगा रखा है पर घिस चुके टायर बदलने में कंपनी दिचस्पी नहीं ले रही।