दन्या (अल्मोड़ा)। धौलादेवी विकासखंड का एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बदहाल है। अस्पताल में सुविधाओं की कमी और चिकित्सा कर्मचारियों के अभाव के चलते ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र की बड़ी आबादी इसी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है लेकिन यहां डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। लंबे समय से रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से गर्भवतियों और गंभीर मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए जिला मुख्यालय अल्मोड़ा या हल्द्वानी जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों पर आर्थिक और मानसिक दोनों तरह का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
अस्पताल में महिला चिकित्सा अधिकारी का पद भी लंबे समय से रिक्त है। प्रसव और महिला रोगों के इलाज के लिए महिला डॉक्टर न होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा स्टाफ नर्सों की कमी के कारण मौजूदा नर्सिंग स्टाफ पर अत्यधिक कार्यभार है जिसका सीधा असर मरीजों की देखभाल पर दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार समस्याओं को लेकर प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है।
क्या बोले लोग
पूर्व में भी हमने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धौलादेवी को उप जिला चिकित्सालय करने की मांग की है जिससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके। - पूरन सिंह बिष्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष, दन्या
ब्लॉक मुख्यालय का एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बाद भी आज तक यह मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। - नीमा पांडे, ग्राम प्रधान, गौली
महिला डॉक्टर न होने की वजह से गांव की बहू-बेटियों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ती है। पुरुष डॉक्टरों को अपनी समस्या बताने में उन्हें संकोच होता है। इसलिए महिला चिकित्सक की तैनाती जरूरी है। - लीला बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख
कोट
- अल्ट्रासाउंड मशीन और डिजिटल एक्स-रे मशीन 15 जून तक सीएचसी धौलादेवी में पहुंचेगी जिससे क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। अस्पताल में महिला सर्जन तैनात है लेकिन महिला चिकित्साधिकारी की मांग की गई है। - सी एस बोरा, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी