मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकास संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीण तीसरे दिन भी पंद्रह सूत्री मांगों को लेकर तहसील कार्यालय प्रांगण में धरने पर डटे रहे। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल को पीपीपी मोड में देने की खिलाफत की और नारे लगाए। चेतावनी दी कि यदि जल्द सभी समस्याएं हल नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल में सुविधाएं जुटाने के बजाय सरकार अस्पताल को पीपीपी मोड में दे रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्युत उपखंड कार्यालय शशिखाल और मानिला में नियमित जेई और एई की तैनाती की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएमजीएसवाई झिमार (सल्ट) के कर्मचारियों का रामनगर में कैंप कार्यालय बनाया गया है। उसे बंद कर झिमार से कार्यालय का संचालन होना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि सड़कें खस्ताहाल बनी हुई हैं, लेकिन विभाग और सरकार उदासीन है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग, संचार सेवाओं समेत अन्य सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है। सल्ट के ब्लॉक प्रमुख सल्ट विक्रम रावत ने धरना स्थल पर जाकर आंदोलन को समर्थन जताया।
उन्होंने मरचूला से डोटियाल तक सभी बाजारों में सार्वजनिक शौचालय और पानी की व्यवस्था, पंचायत भवनों में ग्रामीण जनता की समस्या सुनने के लिए कैंप लगाने की मांगों को अपने स्तर से पूरा कराने का भरोसा दिलाया। धरने पर नारायण सिंह रावत, अमित रावत, विशन दत्त शर्मा, महेश चंद्र, महिपाल सिंह, घनानंद शर्मा, चंदन राम, रणजीत सिंह, शिवेंद्र सिंह, गिरीश चंद्र, शांति रावत आदि ने भाग लिया।