जागेश्वर में पार्थिव पूजन कराते श्रद्धालु।
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जागेश्वर धाम में श्रावणी मेले के दूसरे दिन भी काफी संख्या में भक्तों ने पूजा-अर्चना की। साथ ही मनोकामना पूर्ति के लिए पार्थिव पूजन भी किया। उधर झांकरसैम मंदिर में रामायण पाठ शुरू हो गया है। झांकर सैम मंदिर में देव डांगरों की जात्राएं भी पहुंच रही हैं।
मंगलवार को भी काफी संख्या में भक्तजन जागेश्वर धाम पहुंचे। भगवान शंकर का जलाभिषेक कर भक्तों ने महामृत्युंजय, ज्योतिर्लिंग, पुष्टिमाता, केदार, लकुलीस, नवदुर्गा, अन्न पूर्णा, नीलकंठ, नवग्रह, हनुमान, समेत अन्य मंदिरों में पूजा की। मनोकामना पूर्ति के लिए लोगों ने पार्थिव पूजन भी किया। जागेश्वर बाजार में स्थानीय और बाहर से आए व्यापारियों ने खिलौने, चूड़ी चरेऊ, सौंदर्य प्रसाधन सामग्री, प्रसाद, रेडीमेट कपड़े समेत अन्य सामग्री की दुकानें लग रखी हैं। जिससे भक्तजन अपनी मनपसंद चीजें खरीद रहे हैं।
जागेश्वर धाम से पांच किमी दूर स्थित प्राचीन झांकरसैम मंदिर में मंगलवार से अखंड रामायण पाठ शुरू हो गया है। रामायण के व्यास चंदन पाठक हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष देवीदत्त पांडे, कस्तूरबा नंद पांडे, भैरव दत्त पांडे, रमेश चंद्र पांडे, देवी दत्त भट्ट आदि सहयोग कर रहे हैं। मंदिर में भक्तजन पार्थिव पूजन भी कर रहे हैं। इस मौके पर यज्ञ भी हुआ। झांकर सैम मंदिर में गत रात शहरफाटक के समीप के गांव से कई किमी पैदल चलकर देव डांगरों की जात्रा पहुंची। देवडांगरों ने कुंबानौली नौले में स्नान किया। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद देव डांगर और ग्रामीण लौटे। मंगलवार को ओखलकांडा, नौरधाबगाड़ क्षेत्र से भी ग्रामीण जात्राएं लेकर पहुंचे।