जिला योजना के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों में इस साल अब तक करीब 67 प्रतिशत बजट ही खर्च हुआ है। ऐसे में 31 मार्च तक शेष बजट का उपयोग करके विकास योजनाओं को पूरा करना विभागों के लिए चुनौती बन चुका है।
कोषागार कर्मियों की लंबी चली हड़ताल के कारण बीते दिनों बजट खर्च करने में दिक्कत खड़ी हुई थी लेकिन हड़ताल समाप्त होने के बाद काम में तेजी आई है।
जिला अर्थ संख्या उप निदेशक डा. इला पंत बिष्ट ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सभी विभागों को अवमुक्त लगभग 4608 लाख के बजट में से अब तक करीब 3115 लाख रुपये व्यय हो चुके हैं।
इधर जिले के मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चंद्र ने बताया कि सभी विभागों को विकास कार्यों में तेजी लाने और 31 मार्च तक हर हाल में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बजट सत्र समाप्त होने तक सभी विभागों में बजट का उपयोग कर लिया जाएगा। सीडीओ के मुताबिक बजट लेप्स होने की कोई संभावना नहीं है।
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विभाग अवमुक्त राशि(लाख) व्यय प्रतिशत
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राजकीय सिंचाई 216.32 77.00 35.60
सड़क और पुल 841.60 475.00 56.44
खादी ग्रामोद्योग 32.94 16.50 50.09
खेलकूद 147.11 74.00 50.30
युवा कल्याण 190.47 109.00 57.23
उद्यान और भेषज 48.96 29.00 59.24
लघु डाल 111.96 72.50 64.76
जल संस्थान 988.17 680.00 68.81
पशु पालन 121.52 82.10 67.56
जल निगम 407.20 265.00 65.08
चिकित्सा स्वास्थ्य 219.57 143.00 65.13
पर्यटन,साहसिक कार्य 164.70 121.00 73.47
कृषि 124.35 92.10 74.07
दुग्ध विकास 70.00 54.00 77.14
सहकारिता 110.76 83.07 75.00
वन विभाग 47.10 43.10 91.51
माध्यमिक शिक्षा 444.06 444.06 100.00
आयुर्वेदिक यूनानी चिकित्सा 57.31 57.31 100.00