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प्रयासों के बावजूद नहीं थम रही हैं दुर्घटनाएं

Thu, 06 Sep 2018 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
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घटना स्थल लगी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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 सरकार दुर्घटनाएं रोकने के लिए तमाम प्रयास करने की बात कह रही है लेकिन इसके बावजूद दुर्घटनाएं थम नहीं रही हैं। इस साल जनवरी से अब तक जिले के विभिन्न स्थानों में हुई दुर्घटनाओं में 24 लोगों की मौत हो चुकी हैं। बड़ी दुर्घटना 13 मार्च को सल्ट के टोटाम के पास हुई। जिसमें केमू बस दुर्घटना में 13 यात्रियों की मौत हो गई थी जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा जिले के विभिन्न स्थानों मेें कई कार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले साल भी सड़क दुर्घटना में 30 लोग मारे गए। 
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बीते एक साल में हुई बड़ी सड़क दुर्घटनाएं
-  सात नवंबर 2017 को कालीधार में मैक्स दुर्घटना में तीन की मौत, 11 घायल।
-  सात दिसंबर 2017 को कालीधार के पास बुलैरो दुर्घटना में पांच की मौत। 
- 13 मार्च 2018 को सल्ट के टोटाम में केमू बस दुर्घटना 14 की मौत।
- 27 अगस्त 2018 में सल्ट में आल्टो कार दुर्घटना में तीन मौत एक घायल।


तेज गति माना जा रहा है हादसे का कारण 
भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। बस में सवार यात्रियों का कहना है कि चालक के तेज गति से वाहन चलाने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि संभवत: ब्रेक फेल होने के कारण यह दुर्घटना हुई। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के बाद ही सही स्थिति सामने आएगी।   
अस्पताल में भर्ती एक घायल यात्री के मुताबिक भतरौंजखान से आगे बस तेज गति से जा रही थी। इसी बीच चालक बस से नियंत्रण खो बैठा जिससे यह दुर्घटना घटी। जिस स्थान पर दुर्घटना हुई वहां सड़क खतरनाक भी नहीं है। इसलिए अधिकांश लोग यह मान रहे हैं कि तेज गति के कारण ही यह हादसा हुआ। दूसरी तरफ जिलाधिकारी नितिन भदौरिया का कहना है कि बस पहले पहाड़ी की तरफ एक पत्थर से टकराई और उसके बाद खाई में जा गिरी। फिलहाल प्रारंभिक जांच में यह लग रहा है कि ब्रेक फेल होने के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि चालक के गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसका बयान नहीं लिया जा सका है। घटना की जांच के बाद सही स्थिति सामने आ जाएगी।  
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