सड़क होने के बावजूद सुदूरवर्ती भिटारकोट, कुलसीबी के लोग आज भी 10 किमी पैदल चलने को मजबूर हैं। दरअसल यहां के लिए ऐना-भिटारकोट-जाख मोटर मार्ग का निर्माण हुआ, लेकिन मल्यालनदी के ऊपर पुल नहीं बन पाने के कारण मार्ग का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप इन क्षेत्रों से लोग पलायन करने को विवश हो रहे हैं। क्षेत्र के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की उपेक्षापूर्ण नीति से भी बेहद खफा हैं।
मालूम हो कि तहसील के भिटारकोट, बगथल, कुलसीबी, नैड़ी, लिलाड़ी, भाड़ी, जाख, खोल्टा सहित दर्जनभर गांवों को जोड़ने के लिए 2011 में ऐना-जाख 20 किमी मोटर मार्ग को मंजूरी मिली। भिटारकोट तक आठ किमी मोटर मार्ग का निर्माण हुआ, लेकिन सड़क के बीच मल्याल नदी पड़ती है, इस स्थान पर आज तक लंबे स्पान का पुल नहीं बन सका है। ग्रामीण पुल निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की चौखट पर जा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद सिंह नेगी का कहना है कि जितनी रोड बनी है वह भी क्षतिग्रस्त हो रही है। बच्चे नियमित रूप से विद्यालय नहीं जा पाते। पैदल रास्ता तक क्षतिग्रस्त हो गया है।
विभागीय योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा। काश्तकारों के उत्पादों को बाजार पहुंचाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। मार्ग का लाभ नहीं मिल पाने के कारण क्षेत्र से पलायन हो रहा है। भिटारकोट गांव से ही 40 से अधिक परिवार पलायन कर चुके हैं। यही हाल अन्य गांवों का भी है। ग्रामीणों ने कहा कि पुल निर्माण के लिए वह लोग अब वृहद आंदोलन करेंगे। शीघ्र ही इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक मंत्री रेखा आर्या से भी मुलाकात की जाएगी।
डीपीआर शासन को भेजी
-मल्यालनदी के ऊपर पुल निर्माण के लिए प्रयास चल रहे हैं। सर्वे और डिजायन का कार्य करने के बाद डीपीआर शासन को भेजी गई है।-राजेंद्र लाल शाह, एई, पीएमजीएसवाई, द्वाराहाट।