ताड़ीखेत ब्लॉक के कुछ गांवों में डेंगू फैलने की सूचना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। दरअसल, पिछले कुछ समय से क्षेत्र में वायरल फीवर के रोगी तेजी से बढ़ रहे हैं। कई रोगियों का बुखार एक हफ्ते से नहीं उतर रहा। कपीना और जामड़ में बुखार के अधिक रोगी हैं। इनमें से कई रोगियों का ताड़ीखेत स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करने के बाद छुट्टी दे दी गई है। इधर डेंगू फैलने की सूचना से स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया। विभाग की टीम ने दोनों गांवों में जाकर 15 रोगियों का उपचार किया और पांच रोगियों के सैंपल लिए हैं। जामड़ गांव में डेंगू के मच्छर का लार्वा भी मिला है।
राजकीय अस्पताल रानीखेत के सीनियर फिजिशियन डॉ. आरके सागर ने बताया कि वायरल फीवर के अधिक रोगी आ रहे हैं, कई रोगियों की प्लेटलेट्स गिर रही हैं, हालांकि अभी तक किसी भी रोगी में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। प्लेटलेट्स गिरने वाले कुछ रोगियों को रेफर किया गया है। ताड़ीखेत स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. डीएस नबियाल ने बताया कि कपीना और जामड़ गांव में लोग वायरल फीवर से पीड़ित हैं।
बताया कि जामड़ गांव में एक घर से ड्ेंगू के मच्छर का लार्वा भी मिला है। दो रोगियों में डेंगू के प्रारंभिक लक्षण भी मिले हैं। 42 वर्षीय रमा देवी और 56 वर्षीय अनीता देवी तीन दिन से, 55 वर्षीय निर्मला देवी चार दिनों, 21 वर्षीय ममता आर्या तीन दिन से, 40 वर्षीय पुष्पा देवी तीन दिन से, 30 वर्षीय विद्या तीन दिनों से जबकि एक वर्षीय प्रियांशी दो दिनों से बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने दोनों गांव के घरों का दौरा किया, आसपास मच्छरों के लार्वा की खोज की गई। ग्रामीणों को मच्छरों से होने वाले रोगों के बारे में जानकारी दी गई है और बचाव के तरीके बताए गए हैं। टीम में डॉ. सिमरनजीत सिंह, लैब टेक्निशियन विनोद बिष्ट, एएनएम संगीता, राहुल सक्सेना आदि शामिल थेे।