मौलेखाल(अल्मोड़ा)। मोहान सफारी जोन में जंगल सफारी का संचालन दोबारा शुरू करने की मांग उठने लगी है। क्षेत्र के पर्यटन कारोबारियों, जिप्सी चालकों, गाइडों और अन्य संबंधित लोगों ने वन क्षेत्राधिकारी मोहान हेमा कर्नाटक के माध्यम से प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अल्मोड़ा को ज्ञापन भेजकर 15 अक्तूबर से सफारी संचालन शुरू कराने के लिए आवश्यक आदेश और अनुमति जारी करने का आग्रह किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान और उससे जुड़े विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों में जंगल सफारी का संचालन शुरू हो चुका है। ऐसे में मोहान सफारी जोन में भी सफारी संचालन जल्द शुरू किया जाना क्षेत्रीय पर्यटन, स्थानीय रोजगार और राजस्व की दृष्टि से बेहद आवश्यक है।
पर्यटन कारोबारियों के अनुसार मोहान सफारी जोन में सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन लगभग 50 जिप्सियों का संचालन होता है। सफारी बंद रहने से स्थानीय जिप्सी चालकों, गाइडों, होटल एवं होमस्टे संचालकों, दुकानदारों व पर्यटन व्यवसाय से जुड़े अन्य लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। इससे क्षेत्र के पर्यटन कारोबार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि सफारी संचालन बंद रहने से उपलब्ध स्थानीय आकलन के अनुसार प्रतिदिन लगभग एक लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने वन विभाग से जनहित और स्थानीय रोजगार को ध्यान में रखते हुए मोहान सफारी जोन में सफारी संचालन दोबारा शुरू करने के संबंध में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
बीते कुछ महीनों में मोहान रेंज में बाघ की लगातार सामने आ रहीं घटनाओं के बाद ग्रामीणों में मोहान गेट खोलने को लेकर भारी आक्रोश था जिसके मद्देनजर अनिश्चितकालीन के लिए मोहान सफारी गेट बंद कर दिया गया था।
ग्रामीणों की सहमति के बिना सफारी गेट खोलना संभव नहीं है। गेट दोबारा शुरू करने के लिए ग्रामीणों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की सहमति आवश्यक है। इस संबंध में प्राप्त ज्ञापन प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा को भेज दिया गया है। -हेमा कर्नाटक, वन क्षेत्राधिकारी मोहान