एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलसचिव को ज्ञापन सौंपते एबीवीपी कार्यकर्ता।
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अल्मोड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अल्मोड़ा ने एमएड को कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल में सम्मलित करने का विरोध किया है। परिषद ने सोमवार को एसएसजे विवि के कुलपति प्रो. एनएस भंडारी को ज्ञापन भेजकर एमएड को एसएसजे में ही संचालित करने की मांग की।
ज्ञापन में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि एमएड को कुमाऊं विवि के अंतर्गत संचालित किए जाने का आदेश जारी हुआ है। जिससे उसे कुमाऊं विवि में स्थानांतरित किया जा रहा है। जबकि 28 जनवरी को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एसएसजे विवि आगमन पर शिक्षा संकाय को परिसर की विरासत मानते हुए इसे एसएसजे विवि में ही संचालित करने की बात कही थी। नव सृजित एसएसजे विवि में प्रशासन की ओर से स्पष्ट कहा गया था कि अल्मोड़ा की शिक्षा संकाय और विधि संकाय दोनों विरासत यहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि एमएड को स्थानांतरित करने का तुगलकी फरमान बरदाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं परीक्षा शुल्क में 10 दिनों के बाद ही विलंब शुल्क में 500 से दो हजार रुपये वसूलना भी गलत है। कार्यकर्ताओं ने एमएड को स्थानांतरित न करने और विलंब शुल्क न वसूले जाने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। ज्ञापन देने वालों में विभाग संगठन मंत्री प्रशांत गौड़, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राजन चंद्र जोशी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशीष जोशी, वरुण कपकोटी, परिसर मंत्री अभिनव परिहार, जिला संयोजक कमल नेगी, प्रदेश प्रमुख निर्मल सिंह तड़ागी, परिसर अध्यक्ष देवेश बिनवाल, परिसर उपाध्यक्ष सचिन बोरा, नगर मंत्री पंकज बोरा आदि थे।