अल्मोड़ा। कुमाउनी भाषा, साहित्य, संस्कृति प्रचार समिति की बैठक में कुमाउनी के संरक्षण और संवर्धन पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि कुमाउनी भाषा के विकास के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए इस अभियान से युवा और बच्चों को जोड़ना जरुरी है। साथ ही ऐसे माध्यमों को अपनाने की जरूरत है जो आज बच्चों और युवाओं के बीच प्रासंगिक हैं।
वक्ताओं ने कुमाउनी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए राज्य सरकार से पैरवी किए जाने की बात पर सहमति व्यक्त की। इस दौरान असिस्टेंट प्रो. आशा शैली और कुमाऊंनी साहित्यकार डॉ. पवनेश ठकुराठी को पहरू पत्रिका और समिति की ओर से आयोजित विभिन्न लेखन योजनाओं में पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में आनंद सिंह बिष्ट की पुस्तकों सांची प्रेम और परोपकारी वृक्ष देव का विमोचन भी किया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष डॉ.जगत सिंह बिष्ट और संचालन नीरज पंत ने किया। वहां डॉ. जगत सिंह बिष्ट, ब्रिगेडियर धीरेश जोशी, डॉ. धाराबल्लभ पांडे, डॉ. हयात सिंह रावत, ईश्वर जोशी, हयात सिंह बिष्ट, आनंद सिंह बिष्ट, किशन सिंह मलड़ा, केपीएस अधिकारी, राजेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।