अल्मोड़ा। कोसी स्थित गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान की कार्यप्रणाली और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठी है। विभिन्न जनप्रतिनिधियों और जन संगठनों ने जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजकर संस्थान के कार्यों में पारदर्शिता लाने और अनुसंधान संबंधी खर्च व उपलब्धियों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि संस्थान में करीब एक दशक से कार्यरत कुछ अस्थायी कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया। वहीं इससे पहले बाहर निकाले गए कर्मचारियों ने राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के तहत कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को भी ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन भेजने वालों में पूर्व प्रधान मटेला मनोज, प्रधान भावना बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य पूजा ढौरा, जिला पंचायत सदस्य प्रेम लटवाल, जिला पंचायत सदस्य खत्याड़ी ममता कनवाल, प्रधान ढौरा ममता फत्र्याल, बीडीसी स्याली भूपेंद्र आर्या सहित लाट, लमगड़ा आदि क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि शामिल हैं।