रानीखेत (अल्मोड़ा) उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में मिनिस्ट्रियल संवर्ग के पुनर्गठन को लेकर कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि विभाग की ओर से 23 अगस्त को चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी, चार माह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
उनका कहना है कि वीसी के माध्यम से समिति को समस्याएं विस्तार से बताई गई थीं, और मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. रजनीश सिंह ने प्रकरण में जल्द कार्रवाई की अनुशंसा भी की थी, मगर अन्य सदस्यों ने 45 दिन का अतिरिक्त समय मांग लिया। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले एक वर्ष से सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, पुनर्गठन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। निदेशालय स्तर पर गठित समिति की धीमी कार्यशैली से कर्मचारियों में असंतोष है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। मिनिस्ट्रियल स्टाफ संगठन के अध्यक्ष चंद्र मोहन पंत ने चेतावनी दी कि यदि दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक पुनर्गठन का प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा गया, तो कर्मचारी कार्यबहिष्कार और हड़ताल जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।