रानीखेत (अल्मोड़ा)। क्षेत्र के विभिन्न विकासखंडों में कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों को पिछले नौ माह से मानदेय नहीं मिला है, जिस कारण कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। 2005 से समायोजन सहित तमाम मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत कर्मचारियों को प्रदेश के मुखियाओं ने आश्वासनों के माध्यम से छला है, विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों के देहरादून में 27 मई से प्रस्तावित धरने में क्षेत्र के मनरेगा कर्मचारियों ने भी शिरकत करेंगे।
इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि 2005 से मनरेगा कर्मचारी विभिन्न विकासखंडों में उप कार्यक्रम अधिकारी, कंप्यूटर आपरेटर, कनिष्ठ अभियंता, रोजगार सहायक के पदों पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन मानदेय की परेशानी शुरू से ही रही है। इस बार उन्हें पिछले नौ माह से मानदेय नहीं मिला है, जबकि तीन साल से टीए का भुगतान नहीं हो सका है, जिस कारण कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है।
समायोजन सहित तमाम मांगों को लेकर पूर्व में भी कई मुख्यमंत्रियों ने उनके आंदोलनों में शिरकत कर सार्थक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन सभी निरर्थक साबित हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि शीघ्र ही देहरादून में वह लोग सरकार को याद दिलाने के लिए फिर से प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापने भेजने वालों में द्वाराहाट से नारायण रावत, ताड़ीखेत से धीरज भट्ट, विनोद पांडे, संदीप पांडे, कमलेश पांडे, प्रदीप कुमार, विजय मोहन, गोपाल फर्त्याल, ललित सती शामिल हैं।