सल्ट विधान सभा के अंतर्गत सदर बाजार, टिटोली, ईडाकोट, संचारी, सकनणा, नैल, पिचखोली आदि गांवों में पानी का संकट गहराया हुआ है। बरकिंडा पंपिंग योजना से जुड़े इन गांवों में पिछले सात दिन से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। क्षेत्र में लगे सोलर पंपों ने भी काम करना बंद कर दिया है। लोग तीन किमी दूर जल स्रोतों में पानी लाने को मजबूर हैं। परेशान ग्रामीणों ने जल संस्थान कार्यालय में धरना देने की चेतावनी दी है।
पेयजल समस्या को लेकर क्षेत्र में हुई बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि पानी की किल्लत के कारण इन गांवों में हाहाकार मचा हुआ है। क्षेत्र में लगाए गए तीन सोलर पंप भी पिछले छह माह से ठप हैं। जल संकट के चलते लोग तीन किमी दूर स्थित जल स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं। इसके बाद भी जल संस्थान द्वारा समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस मौके पर ग्रामीणों ने जल संस्थान के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। बैठक में टिटोली के पूर्व प्रधान दिनेश नैलवाल, सकनाणा के प्रेम राम, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख रमेश नैलवाल, उप प्रधान अनीता तिवारी, व्यापारी हेम चंद्र नैलवाल, कैलाश कठायत, महेश नैलवाल, भाष्करानंद, सोनू तिवारी आदि मौजूद थे। इधर जल निगम नौला की जेई परवेज जहां ने ग्रामीणों को शनिवार से प्रभावित गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारु करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा प्रभावित ऊंचाई वाले गांवों में डायरेक्ट लाइन से पानी की आपूर्ति की जाएगी जबकि नीचे के गांवों में पेयजल टैंक से ही आपूर्ति की जाएगी।
पर्याप्त पानी आपूर्ति नहीं कर पा रहा है जल संस्थान
अल्मोड़ा। पानी की समस्या से जनता को निजात नहीं मिल पा रही है। नगर समेत ग्रामीण इलाकों में लोग जल संकट से परेशान हैं। जल संस्थान लोगों को पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति नहीं करा पा रहा है।
नगर और ग्रामीण इलाकों में पेयजल का संकट दूर नहीं हो पा रहा है। शहरी क्षेत्र में पानी खुलने का समय काफी कम है। साथ ही पानी खुलने का समय भी निश्चित नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई मोहल्लों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही है। गर्मी के सीजन में खपत बढ़ने से लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। शुक्रवार को जल संस्थान ने मोतियापाथर, सल्ला रौतेला, बसोली, आरतोला, शीतलाखेत, एनटीडी खान मोहल्ला, शैल बाइपास, कलमटिया, जोशियाना, चितई गांव, कुचौन, जागेश्वर, सिमकनी ग्राउंड ने टैंकरों से पानी पहुंचाया। ब्यूरो