बागेश्वर। उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ ने नियमितीकरण की मांग पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ऑनलाइन बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने मुख्यमंत्री को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा यदि नियमितीकरण मरने के बाद ही मिलना है, तो हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए।
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल गढि़या ने सरकार पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाते हुए स्पष्ट किया कि हाल ही में दुर्घटना में मृत कर्मचारियों के परिजनों को मिले 50-50 लाख के चेक राज्य सरकार ने नहीं बल्कि पंजाब नेशनल बैंक ने दिए हैं। यह राशि संघ के संघर्ष के बाद हुए एमओयू का परिणाम है, सरकारी सहायता नहीं। महामंत्री प्रमोद गोसाईं ने सरकार की नीतियों को कर्मचारी-विरोधी बताते हुए कहा कि यह विफलता कर्मचारियों को मानसिक रूप से तोड़ रही है। संघ ने चेतावनी दी है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नियमितीकरण पर निर्णय न लेने पर जल्द ही प्रदेशव्यापी महा-आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में संरक्षक गणेश गोस्वामी, राकेश जोशी, मनोज जोशी, त्रिभुवन बसेड़ा, आंचल वर्मा, मनोज गढ़कोटी, अनिल कोठारी, देवेंद्र, योगेश भाटिया आदि मौजूद रहे।