गरुड़ (बागेश्वर)। जिला प्रशासन की टीम ने बृहस्पतिवार को बैजनाथ वन पंचायत में चीड़ के पेड़ों में बंधे गाय, बैल आदि गोवंशी पशुओं के कंकालों का मौका मुआयना किया। हड्डी के नमूने लेने के बाद प्रशासन की टीम ने जनता के सहयोग से गोवंशी कंकालों को बैजनाथ वन पंचायत के जंगल में दफना दिया गया। एसडीएम जयवर्धन शर्मा ने पशुपालन विभाग से सभी पालतू जानवरों के कानों पर टैग लगाने के निर्देश दिए हैं।
गोवंशी कंकालों से आ रही दुर्गंध से सांस लेने में हो रही दिक्कत का समाचार उमर उजाला में बुधवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बाद प्रशासनिक टीम बृहस्पतिवार को बैजनाथ वन पंचायत के जंगल में पहुंची। इस टीम में पशुपालन विभाग के डॉ. पीके पाठक, वन दरोगा गुलाब सिंह, पटवारी संजय कुमार आर्या, पटवारी तारा शामिल रहीं। इस टीम को कई पेड़ों पर बंधे चार से अधिक गोवंशी कंकाल मिले। पुरानी टूटी हड्डियां दूर तक फैली थीं। थानाध्यक्ष बैजनाथ कैलाश बिष्ट ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। सबूत जुटाने के बाद जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुरुड़ा गांव निवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता कंचल सिंह थायत ने जिला प्रशासन से जानवरों को लावारिस छोड़ने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।