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मजदूर की मौत के मामले ने पकड़ा तूल, मुआवजे के आश्वासन पर ग्रामीणों ने 16 घंटे बाद उठाया शव

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अल्मोड़ा। विकास भवन परिसर में कलक्ट्रेट भवन के निर्माण के लिए ट्रक से ग्रेनाइट पत्थर उतारने के दौरान मजदूर की मौत का मामला रविवार को तूल पकड़ गया। परिजनों और गांव के लोगों ने मामले पर नाराजगी जताते हुए मुआवजा दिए बगैर शव उठाने से इंकार कर दिया। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। बाद में थाने में ठेकेदार से वार्ता होने पर करीब 16 घंटे बाद शव उठाया गया।
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बता दें कि विकास भवन के निकट नए कलक्ट्रेट भवन के निर्माण के लिए शनिवार देर रात हल्द्वानी से ग्रेनाइट पत्थर लाए गए। देर रात ही कुछ मजदूर इन पत्थरों को ट्रक से अनलोड कर रहे थे। बताया गया है कि ट्रक के ढलान में खड़े रहने के कारण ग्रेनाइट पत्थर भरभराकर गिर पड़े और दो मजदूर इन भारी पत्थरों की चपेट में आकर दब गए। दोनों मजदूर सगे भाई थे। इनमें से तलाड़बाड़ी निवासी जगदीश बिष्ट (40) ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि दूसरे मजदूर संजय बिष्ट का इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर है।
जगदीश बिष्ट की मौत के बाद अन्य मजदूरों और गांव के लोगों में आक्रोश छा गया। रविवार की सुबह मृतक जगदीश के परिजनों के साथ ही काफी संख्या में ग्रामीण जिला अस्पताल में पहुंच गए और उन्होंने पूरे मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया। इस बीच एसडीएम सीमा विश्वकर्मा भी जिला अस्पताल पहुंची और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उनकी ठेकेदार से वार्ता कराई जाएगी। इस बीच ग्रामीण ठेकेदार को मौके पर बुलाने के लिए अड़े रहे। बाद में तीन ठेकेदारों में से एक अल्मोड़ा थाने पहुंचा और ग्रामीणों को भी वार्ता के लिए थाने में बुलाया गया।
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मृतक के परिजनों का कहना था कि ठेकेदार घायल संजय सिंह बिष्ट के उपचार में आने वाला खर्च के साथ ही मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दें। वार्ता के दौरान ठेकेदार ने घायल के उपचार में आने वाला खर्च खुद उठाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव को उठाने के लिए राजी हुए। वार्ता के बाद ठेकेदार घायल संजय बिष्ट को देखने जिला अस्पताल भी गया।
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