फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भैसोड़ा फार्म में रोज उठ रहा कोरोना शवों की चिताओं का धुंआ

विज्ञापन
विज्ञापन
धौलछीना/अल्मोड़ा। लमगड़ा क्षेत्र के भैंसवाड़ा फार्म में कोविड संक्रमितों के शव जलाने के लिए घाट बनाया गया है। यहां पर रोजाना कई लाशें लाकर जलाईं जा रहीं हैं, जबकि पहले यहां पर लाशें जलाने की कोई भी व्यवस्था नहीं थी।
विज्ञापन

कोविड की दूसरी लहर के दौर में कोरोना से मरने वालों की तादाद बढ़ रही है। ऐसे में प्रशासन को कोविड शवों को जलाने के लिए नई जगहों की तलाश करनी पड़ रही है। ऐसे में लमगड़ा क्षेत्र के भैंसवाड़ा फार्म को कोविड लाशें जलाने के लिए घाट बनाया गया है।
इससे पहले सेराघाट और घाट में नदी किनारे ही प्रशासन कोविड शवों को जला रहा था। यहां संक्रमण का खतरा बताकर लोगों ने आपत्ति जताई तो प्रशासन ने भैंसवाड़ा फार्म में नए घाट की व्यवस्था की और यहां जाने के लिए एक नया मार्ग भी बनाया।
विज्ञापन

इस मार्ग पर अभी भी काम चल रहा है। अब यहां पर रोजाना छह-सात लाशें जल रहीं हैं। जब यह घाट बना था, तब शुरू में ऐसा नहीं था।
आसपास रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय लोगों को वहां जाने की इजाजत नहीं है और न ही कोई वहां जाना चाहता है। वहां कोविड के शव जलाए जाते हैं।
लोग इस वजह से वहां जाने से भी कतरा रहे हैं। हालांकि दिन में कई लाशें जलाए जाने की वजह से यहां पर हर वक्त चिताओं का धुआं उठ रहा है। राजस्व अधिकारी बलवंत नाथ गोस्वामी ने बताया कि हालात मुश्किल भरे हैं।
यहां कई कोविड की लाशें जल रहीं हैं। इसलिए अब यहां जानवर आने लगे हैं। इसलिए हम लाशों को ठीक तरह से जलाकर ही वहां से जा रहे हैं। अगर कोई जानवर मांस खाने के लिए लाश का कोई हिस्सा ले गया तो संक्रमण फैलने की संभावना रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें