पोस्टमार्टम हाउस में डिगर सिंह के परिजनों से जानकारी लेते विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहा?
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अल्मोड़ा। डोबा गांव निवासी 54 वर्षीय डिगर सिंह की शुक्रवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई। ग्रामीणों ने अनुमान लगाया कि यह हमला तेंदुए का है। आनन-फानन में उन्हें बेस अस्पताल लाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर, वन विभाग ने माना कि मौत तेेंदुए के हमले से नहीं हुई है। शनिवार को पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया। इधर, परिजनों ने इस मामले में कोई रिपोर्ट नहीं लिखाई है।
हवालबाग के डिगर गांव निवासी डिगर सिंह शुक्रवार शाम घर के आंगन में बने बाथरूम में गए थे। काफी देर तक जब वह अंदर नहीं आए तो उनकी पत्नी षष्टी देवी उन्हें खोजने बाहर निकली। उन्होंने देखा आंगन में डिगर सिंह गिरे हुए हैं और उनके मुंह से खून निकल रहा था। उन्होंने शोर मचाया तो आसपास से काफी लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने समझा तेंदुए ने हमला कर दिया। मौके पर पहुंचे डिगर सिंह के भतीजे नंदन सिंह ने बताया कि तत्काल उन्हें बेस अस्पताल ले जाया गया।
यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर, शनिवार को पंचनामे के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान गांव के प्रधान गोपाल तिवारी, बीडीसी मेंबर गोपाल गुरुरानी समेत मृतक के परिजन भी मौजूद रहे। इधर, डीएफओ महातिन यादव ने बताया कि सूचना मिलने पर वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया था। तेंदुए के हमले के कोई निशान नहीं मिले।