भाइयों के साथ कोस्टगार्ड के एडीजी।
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अल्मोड़ा के बिष्टाकूड़ा निवासी खजान चंद्र पांडे के कोस्टगार्ड में एडीजी बनने पर अल्मोड़ा में खुशी है। लोग इसे अल्मोड़ा के लिए गौरव मान रहे हैं। बृहस्पतिवार को उनके घर पर बधाइयां देने वालों का तांता लगा रहा। एडीजी पांडे का अल्मोड़ा और अपने परिवार से लगाव बना रहता है और बीते 14 अप्रैल को भी वह अल्मोड़ा आए थे। बता दें कि इससे पहले अल्मोड़ा के ही जनरल बीसी जोशी थल सेनाध्यक्ष, डीके जोशी नौसेनाध्यक्ष और वीके जोशी सीआरपीएफ और आईटीबीपी के डीजी रह चुके हैं।
स्व. तारादत्त पांडे और जीवंती पांडे के पुत्र खजान पांडे पांच भाइयों में तीसरे नंबर के हैं। बड़े भाई हेमचंद्र पांडे पिलानी राजस्थान में एक स्कूल में प्रधानाचार्य हैं। दूसरे नंबर के भाई का पूर्व में देहांत हो चुका है। जबकि चौथे नंबर के सतीश पांडे जिला पंचायत अल्मोड़ा में प्रशासनिक अधिकारी और पांचवें नंबर के भारत भूषण हरियाणा में इंजीनियरिंग कालेज में हैं।
पांडे ने एसएसजे परिसर अल्मोड़ा से बीएससी, बीएड किया। उनके भाई सतीश पांडे और भारत भूषण पांडे ने बताया कि 1983 में वह कोस्टगार्ड में असिस्टेंट कमांडेंट बने। कॉलेज के दिनों खजान पांडे हाकी और क्रिकेट टीमों का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। इधर खजान पांडे के एडीजी बनने पर परिवार में खुशी का माहौल है। उनके भाई भारत भूषण पांडे ने बताया कि उन्हें छह मई को जानकारी मिल गई थी। इस दौरान पूरा परिवार उनके साथ नोएडा दिल्ली में था।
नौसेना में लेफ्टिनेंट है एडीजी पांडे की बेटी
अल्मोड़ा। एडीजी खजान पांडे के परिवार में उनकी पत्नी जानकी पांडे और पुत्री भाग्यश्री पांडे है। भाग्यश्री पांडे वर्तमान में नौसेना में लेफ्टिनेंट हैं। इसके अलावा उनके परिवार में उनके बड़े भाई स्व. गिरिजा पांडे के पुत्र नमित पांडे भी सेना में मेजर हैं और इन दिनों जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। पहले नंबर के भाई हेम चंद्र पांडे के पुत्र लोकेश पांडे भी नेवी में लेफ्टिनेंट हैं और कोचीन में तैनात हैं। भतीजी चेताली पांडे बंगलौर से एमबीबीएस कर रही है जबकि भतीजा गौरव पांडे बिट्स पिलानी से शिक्षा प्राप्त कर रहा है जबकि एक अन्य भतीजा आदित्य पांडे पंजाब विवि से एलएलबी कर रहा है।
रिटायर होने के बाद अल्मोड़ा में ही सेटल होऊंगा : पांडे
अल्मोड़ा। कोस्टगार्ड में एडीजी बने खजान पांडे ने फोन पर संक्षिप्त वार्तालाप में कहा कि उनका अपनी माटी से काफी लगाव है और रिटायर होने के बाद वह अल्मोड़ा में ही सेटल होंगे। पांडे ने बताया कि वह समय-समय पर अल्मोड़ा आते रहते हैं। अभी पिछले माह भी घर आए थे। इसके अलावा घर परिवार में शादी पूजा-पाठ आदि कार्यक्रमों में हिस्सा लेने भी आते रहते हैं। निकट भविष्य में जब भी अवसर मिलेगा वह फिर से अल्मोड़ा आएंगे।