चनौदा में खेतों में मलबा आने और ओलावृष्टि से आलू की बर्बाद हुई फसल।
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गत दिवस जिले में कई स्थानों पर तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से सोमेश्वर क्षेत्र और लमगड़ा ब्लॉक में सब्जी के पौध, आलू की फसल और धान की नर्सरी को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान के सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
रविवार को भी दिन में अल्मोड़ा में कुछ देर बरिश हुई। पिछले चौबीस घंटे में अल्मोड़ा में 14 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है।
ओलावृष्टि से जिले के ग्रामीण इलाकों में फसलों और फलों के पेड़ों में आए फूलों को नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से सोमेश्वर घाटी क्षेत्र के गांवों में आलू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। वहीं मिर्च, शिमला मिर्च, बैगन, लौकी, तुरई, ककड़ी कद्दू की पौध को क्षति हुई है। घाटी क्षेत्र में काश्तकारों ने खरीफ के सीजन के लिए धान की नर्सरी बोई हुई थी। ओलावृष्टि से धान की नर्सरी चौपट हो गई है। चनौदा क्षेत्र में बारिश से जहां खेतों में मलबा आ गया वहीं ओले गिरने से आलू की पौधों को काफी क्षति पहुंची है। साथ ही आड़ू, खुमानी, सेब आदि फलों के पेड़ों में आए फूल गिर गए हैं।
उधर लमगड़ा ब्लॉक में भी काफी बारिश हुई। बारिश से आलू की फसल को क्षति पहुंचने की खबर है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि से ग्रामीण इलाकों में फसल को नुकसान होने की सूचना मिली है। क्षति का आकलन करने के निर्देश दे दिए गए हैं।