रानीखेत (अल्मोड़ा)। हजरत कालू सैय्यद बाबा की मजार पर चल रहे उर्स समारोह के तहत बुधवार देर रात मजार परिसर में कुरान ख्वानी के बाद कवि सम्मेलन और मुशायरे का भव्य आयोजन हुआ। इसमें कौमी एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत झलक दिखी। कवियों और शायरों ने देशभक्ति, एकता और इंसानियत पर केंद्रित अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
अल्मोड़ा से आए कवि नीरज पंत, रानीखेत के दिनेश तिवारी समेत अन्य शायरों ने मोहब्बत, भाईचारे और बाबा की शान में शानदार नज्में पेश कीं। बाद में सभी कवियों को सम्मानित किया गया। उर्स समारोह के दूसरे दिन भी नमाज असर और कुरान ख्वानी के बाद रात्रि मुशायरा आयोजित किया गया था जो देर रात तक चला।
मजार के खादिम मोहम्मद मोहसिन ने बताया कि यह कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित होता है और इसमें हर धर्म के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उन्होंने कहा कि उर्स समारोह समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है। मुशायरे की अध्यक्षता नैनीताल से पहुंचे वरिष्ठ शायर जरूर आलम ने की. संचालन अल्मोड़ा के वरिष्ठ कवि नवीन बिष्ट ने किया।
महफिल में मोहम्मद नासिर, हसीना सिद्दीकी, मोहम्मद मारूफ़, अरशद हुसैन, अमन ख़ान, इरशान आदि लोग मौजूद रहे।