अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि संस्कृति, सभ्यता, मेले, त्योहार हमारी धरोहर होने के साथ ही विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। विलुप्त हो रही संस्कृति को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। चितई में आयोजित गोलू महोत्सव समारोह के उद्घाटन अवसर पर सीएम ने युवाओं से संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने लोक कला, साहित्य संरक्षण ट्रस्ट के संस्कृति भवन, संग्रहालय का लोकार्पण भी किया।
सीएम ने कहा कि राज्य में चितई के अलावा टिहरी में ऐसा संग्रहालय है जिसमें पुराने वाद्य यंत्रों, पांडुलिपियों और विलुप्त हो रही सांस्कृतिक विरासत से संबंधित सामग्रियों को संजोकर रखा गया है। इस संग्रहालय से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत के बारे में काफी जानकारी हासिल कर सकती है। देहरादून में भी स्तरीय संग्रहालय की स्थापना की जा रही है। जिसमें राज्य की काष्ठ कला सहित अन्य शिल्प कलाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने चितई संग्रहालय की स्थापना में सहयोग के लिए रंगकर्मी जुगल किशोर पेटशाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा की रामलीला और बैठकी होली का विशिष्ट स्थान है। इसके संवर्धन को सीएम ने संसदीय सचिव मनोज तिवारी से ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा ताकि शासन से मदद की जा सके।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि शिल्पकला को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में शिल्प रत्न पुरस्कार दिया जा रहा है। अब सृजनात्मक कला साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को भी सरकार पुरस्कार देगी। विधायक मनोज तिवारी ने भी विचार रखे। रंगकर्मी, साहित्यकार जुगल किशोर पेटशाली ने बताया कि वर्ष 2003 में संग्रहालय की स्थापना का संकल्प लिया था जो अब पूरा हो गया है। संचालन रंगकर्मी नवीन बिष्ट ने किया।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, दायित्वधारी राजेंद्र बाराकोटी, सिकंदर पवार, धरम सिंह मेहरा, केवल सती, त्रिलोचन जोशी, पूरन रौतेला, गोपाल मटियानी, संतोष पंत, राजेंद्र बोरा, विद्या पंत, अमरनाथ रावत, हरिविनोद पंत, गोविंद सिंह बिष्ट, संजय आर्या, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी केएस नगन्याल, सीडीओ प्रकाश चंद्र आर्या आदि मौजूद थे। इस मौके पर कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।