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पौष माह की हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी बैसी पर साधना कर रहे साधक

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कड़ाके की ठंड में रात्रि में जागर के दौरान आशीर्वाद देते डंगरिए। संवाद - फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पौष की हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच भक्तों की बैसी यहां ईड़ा-बाराखाम में जारी है। बैसी के माध्यम से पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है। लोग दूर दराज के क्षेत्रों से आकर धूनी में माथा टेककर साधकों का आशीर्वाद ले रहे हैं। वहीं साधक एक पतली पंखी और चादर ओढ़कर कड़ाके की ठंड की परवाह किए बगैर साधना में डूबे हैं। रात के समय लग रही जागर में लोग डंगरियों का आशीर्वाद ले रहे हैं। डंगरिये भी गांव में जाकर भिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पौष की बैसी को सबसे कठिन बैसी माना जाता है। साधकों की साधना देखकर हर कोई अचंभित हो जाता है। ऐसे मौसम में जब कई लोग गर्म पानी से नहाने में भी कतराते हैं। साधकों का दिन में तीन बार स्नान लोगों को चकित कर रहा है।
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