ईड़ा बाराखाम में बैसी की कठिन तपस्या करते भगत। संवाद
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पौष महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में कठिन बैसी का दौर शुरू हो गया है। क्षेत्र के कई गांवों में बैसी के माध्यम से लोग गहन साधना में व्यस्त हैं। ईड़ा-बाराखाम में गुरू गोरखनाथ की धूणी में लगभग 50 साल बाद बैसी का आयोजन किया गया। यहां तीन डंगरिये 22 दिन की कठोर साधना में बैठे हैं। सुबह शाम आरती में कई ग्रामीण डंगरियों का आशीर्वाद ले रहे हैं। भगत आनंद नेगी ने बताया कि केशव सिंह नेगी, बिशन सिंह नेगी, लाल सिंह नेगी ने गुरू हरिदत्त फुलारा से दीक्षा ली और अब गुरु गोरखनाथ के चरणों में बैसी में बैठे हैं। धूणी में 22 दिन की साधना में बैठकर संन्यासी की तरह जीवनयापन कर रहे हैं। भगत गांव भ्रमण कर भिक्षा भी मांग रहे हैं।