जिले के बेस अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन करीब डेढ़ साल से खराब पड़ी है। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पांच माह पहले इसके स्थान पर नई मशीन खरीदने की घोषणा की थी। लेकिन, सरकार अब तक नई मशीन नहीं लगवा सकी है। इस कारण मरीजों को सीटी स्कैन के लिए हल्द्वानी ले जाना मजबूरी हो गया है।
जिले में एकमात्र बेस अस्पताल में ही सीटी स्कैन मशीन है। यहां परीक्षण कराने के लिए अल्मोड़ा जिले के अलावा अन्य जिलों से भी मरीज पहुंचते हैं, लेकिन सीटी स्कैन मशीन करीब डेढ़ साल से खराब पड़ी है। इस कारण दुर्घटना और अन्य कारणों से सिर में चोट लगने से घायलों और अन्य मरीजों के यहां सीटी स्कैन नहीं हो पा रहे हैं। तीमारदारों को मरीजों को इलाज के लिए मैदानी इलाकों में स्थित अस्पतालों में सीटी स्कैन के लिए ले जाना पड़ता है। इसमें उनका काफी पैसा और समय भी बरबाद होता है।
पूर्व में भी यह सीटी स्कैन मशीन खराब होते रही है। संबंधित कंपनी ने किसी तरह मरम्मत कर मशीन को चालू किया था, लेकिन अब करीब डेढ़ साल से मशीन खराब है। स्वास्थ्य विभाग पर कंपनी का करीब 32 लाख रुपये बकाया चल रहा है। यह पैसा विभाग द्वारा कंपनी को अब तक नहीं दिया गया है। कंपनी ने भी मशीन को ठीक करने में रुचि नहीं ली।
बीती 24 जून को अल्मोड़ा भ्रमण पर आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सर्किट हाउस में हुए कार्यक्रम में बेस अस्पताल के लिए नई सीटी स्कैन मशीन खरीदने की घोषणा की थी, लेकिन पांच माह से अधिक समय बीत गया है और अब तक नई सीटी स्कैन मशीन नहीं लगाई जा सकी है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक बेस अस्पताल अल्मोड़ा में नई सीटी स्कैन मशीन स्थापित की जानी है। इसके लिए शासन स्तर पर निविदा करा ली गई हैं। जल्द ही बेस अस्पताल में नई सीटी स्कैन मशीन स्थापित कर दी जाएगी।
- रघुनाथ सिंह चौहान, क्षेत्रीय विधायक एवं विस उपाध्यक्ष।