प्रशासन और खनन विभाग ने भराड़ी के समीप उत्तर भारत हाइड्रो पावर प्रालि के कार्यक्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिना अनुमति चलाया जा रहा स्टोन क्रशर और 65 घनमीटर रोड़ी, बजरी सीज कर दी।
खनन उप निदेशक राजपाल लेघा और एसडीएम केएस टोलिया ने कंपनी के क्षेत्र का निरीक्षण किया। उत्तर भारत हाइड्रो पावर कंपनी यहां बड़ी जल विद्युत परियोजना पर काम कर रही है। निर्माण कार्यों के लिए उसने स्टोन क्रशर भी लगाया हैै। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि क्रशर चलाने के लिए मात्र एक साल की अनुमति ली गई थी। अनुमति की अवधि खत्म होने के बावजूद स्टोन क्रशर लगा था।
मौके पर 65 घनमीटर उप खनिज भी पड़ा था। कंपनी के प्रतिनिधि ने अधिकारियों को बताया कि क्रेसर के नवीनीकरण के लिए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया है। क्रेसर का व्यापारिक उपयोग नहीं किया जा रहा है। मात्र कंपनी के स्थानीय कार्यों के लिए ही इसका उपयोग होता है। एसडीएम ने बताया कि उत्तराख्ंाड स्टोन क्रशर नीति और उत्तराखंड खनिज नियमावली के प्रावधानों के उल्लंघन पर स्टोन क्रशर और उप खनिजों को सीज करके कंपनी प्रतिनिधि की सुपुर्दगी में ही रखा गया है। इसका उपयोग नहीं करने की चेतावनी दी गई है।