ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में पूरे विकासखंड को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने राज्य खाद्य सुरक्षा के तहत पर्याप्त राशन कार्ड उपलब्ध नहीं होने पर आक्रोश जताया।
कहा कि मनरेगा के अंतर्गत कार्य पूर्ण होने के बाद भी श्रमिकों के खातों में मजदूरी नहीं आ रही है। मनरेगा के कर्मियों को मानदेय नहीं मिलने पर भी आक्रोश जताया गया। शौचालयों की धनराशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग भी जोर शोर से उठाई गई।
प्रधान संगठन के अध्यक्ष महेश पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव-गांव में शौचालय बनने के बावजूद धनराशि नहीं मिल रही है। मनरेगा के तहत कार्य पूर्ण हो गए हैं, मजदूरी सूची बन चुकी है, लेकिन श्रमिकों के खातों में अभी तक मेहनताने की धनराशि नहीं आई है।
कहा कि मनरेगा कार्यों की देखरेख करने वाले कर्मचारियों को भी कई महीनों से मानदेय नहीं मिला है। वक्ताओं ने कहा कि बारिश नहीं होने के कारण फसल चौपट है, अलबत्ता पूरे विकासखंड को सूखाग्रस्त घोषित कर प्रभावितों को मुआवजा बांटा जाए।
बैठक में संयोजक लाल सिंह बिष्ट, गीता चौधरी, नवीन कठायत, नवीन मैनाली, मनोहर बिष्ट, सचिव आनंद पांडेय, दीपक बिष्ट, दीपा मठपाल, पुष्पा देवी, गुड्डी अधिकारी, कमला देवी, मीना देवी, कौस्तूब कुमार सिंह, हिम्म्त सिंह, विपिन पंत, राधा किरौला, खीम सिंह आदि मौजूद थे।