कुमाऊं विवि एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में करीब ढाई साल पहले एक छात्रा पर जानलेवा हमला करने के आरोपी (वाराणसी निवासी) तत्कालीन दृश्य कला संकाय के शिक्षक को अपर सत्र न्यायाधीश वरुण कुमार ने पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
घटनाक्रम के मुताबिक 10 जून 2013 को एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में दृश्य कला संकाय के अंतर्गत फाइन आर्ट्स की एक छात्रा अपने अन्य साथियों के साथ संविदा शिक्षक राजेश कुमार विश्वकर्मा के कक्ष में प्रोजेक्ट जमा करने गई। विवाहिता छात्रा का पति भी उसके साथ आया था जो कमरे के बाहर खड़ा था।
आरोपी शिक्षक ने अन्य छात्राओं के प्रोजेक्ट जमा करने के बाद उन्हें बाहर भेज दिया और उक्त छात्रा को रोककर कमरा भीतर से बंद कर दिया। उसके बाद उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। विरोध करने पर उसने छात्रा पर पेपर कटर से गले, छाती और पेट पर जान से मारने की नीयत से हमला करके घायल कर दिया।
पीड़िता के चिल्लाने पर बाहर खड़ा उसका पति और छात्र-छात्राओं के अलावा विभाग के शिक्षक प्रो. शेखर जोशी, कैलाश बिष्ट, डा. ललित आर्या आदि वहां पहुंचे और धक्का मारकर दरवाजा खोला। छात्रा कमरे में लहूलुहान हालत में पड़ी थी। उसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। छात्रा के पति ने पुलिस में मामला दर्ज कराया।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नेल्वाल और दीवान सिंह बिष्ट ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह परीक्षित कराए गए।
अपर सत्र न्यायाधीश वरुण कुमार ने लिखित और दस्तावेजी साक्ष्यों के अवलोकन के बाद आरोपी राजेश कुमार विश्वकर्मा निवासी ग्राम गहूरा, पोस्ट आफिस भोपापुर थाना चोलापुर जिला वाराणसी को धारा 342 और 354 के तहत एक-एक साल का कठोर कारावास और धारा 307 में पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मालूम हो कि इस घटना के बाद कुमाऊं विवि प्रशासन ने आरोपी शिक्षक को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।