हत्या के प्रयास के मामले में सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी ने एक अभियुक्त को धारा 307 के तहत दोषी करार देते हुए आठ साल का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
13 मार्च 2015 को हंसा नेगी पुत्र हीरा सिंह निवासी ग्राम जाख पट्टी तल्ला सल्ट जिला अल्मोड़ा अपनी बहन के ससुराल जा रहा था। गांव के जलधारे के पास हंसा को कृपाल सिंह मिला। कृपाल ने जेब से चाकू निकाला और जान से मारने की नियत से हंसा के पेट और शरीर में चाकू से प्रहार कर दिए।
घायल हंसा मौके पर ही गिर गया। उसे उपचार के लिए रामनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उसकी जान बच गई। यह मामला सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रभात सिंह बिष्ट ने पैरवी करते हुए छह गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए।
पत्रावली में मौजूद दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य के आधार पर सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी ने आरोपी को धारा 307 में दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी कृपाल सिंह को आठ साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।