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‘आपरेशन स्माइल’ ने खोजा ढाई साल से लापता बच्चा

Mon, 19 Jan 2015 01:14 PM IST
ब्यूरो, अमर उजा, अल्मोड़ा
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पुलिस के आपरेशन स्माइल ने ढाई साल पहले हरिद्वार से खोए बच्चे को परिवार से मिला दिया। हरिद्वार पुलिस से मिले हुलिए के आधार पर अल्मोड़ा पुलिस नेे गुमशुदा बच्चे की तलाश की। लापता बच्चा बख स्थित राजकीय शिशु सदन में पल रहा था। पता लगने के बाद पुलिस ने बच्चे को परिजनों को सौंप दिया है। मानसिक तौर पर कमजोर यह बच्चा जब लापता हुआ था, उस समय उसकी उम्र नौ साल थी। हरिद्वार के ज्वालापुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज थी।
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बी-52, शास्त्री नगर ज्वालापुर, हरिद्वार निवासी पवन कुमार का बेटा राजन 27 मई 2012 को खेलते समय घर के पास से लापता हो गया था। यह बच्चा कुछ समय बाद पुलिस को खटीमा में भटकता हुआ मिला। पूछताछ में पुलिस को बच्चे के परिजनों के बार में कोई जानकारी नहीं मिली। प्रशासन ने इसे पालन-पोषण के लिए रुद्रपुर स्थित स्वाधार केंद्र भेज दिया। एसडीएस खटीमा के आदेश पर बच्चे को 12 दिसंबर 2012 को अल्मोड़ा के राजकीय शिशु सदन लाया गया। तब से इस बच्चे की यहीं परवरिश हो रही है। बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं होने से शिशु सदन प्रशासन भी बच्चे के परिजनों से संपर्क नहीं कर सका। पुलिस ने प्रदेश में लापता बच्चों को खोजने के लिए आपरेशन स्माइल चलाया है। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों से लापता चल रहे बच्चों का हुलिया, फोटो आदि जानकारी सभी जिलों को भेजी गई है। अल्मोड़ा पुलिस के अभियान प्रभारी गोविंद बल्लभ भट्ट ने हरिद्वार पुलिस से मिले विवरण के आधार पर बख स्थित शिशु सदन जाकर वहां रह रहे बच्चों के बारे में जानकारी ली। शिशु सदन में एक बच्चे का नाम बादल दर्ज होने पर पुलिस ने हरिद्वार से मिली जानकारी के आधार पर हरिद्वार से लापता हुए बच्चे के परिजनों से संपर्क किया। पुलिस और परिजनों के संवाद में कड़ियां जुड़ते ही बादल की पहचान राजन के रूप में हुई। पुलिस ने राजन को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बिछुड़े बेटे को परिवार से मिलाने पर बाल विकास कल्याण समिति की अध्यक्ष ईला साह, शिशु सदन प्रशासन ने पुलिस की सराहना की है।

बी बावन शास्त्री नगर से हुई पहचान
राजन के दाएं हाथ में हरे रंग की स्याही से बी बावन शास्त्री नगर गुदा है। इसकी स्याही हल्की पड़ जाने से शिशु सदन वालों ने इसे बी बादल समझ लिया और शिशु सदन के अभिलेखों उसका नाम बी बादल दर्ज था। हुलिए के आधार पर जब अल्मोड़ा पुलिस ने हरिद्वार में बच्चे के परिजनों से संपर्क किया तो परिजनों ने उनके बच्चे के दाहिने हाथ में बी बावन शास्त्री नगर गुदा होने की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर जाकर राजन के हाथ दर्ज यह शब्द देखे। फोटो के जरिए भी उसकी पहचान पुख्ता हुई।  
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