दस दिन पूर्व से लापता महिला डेरी के चालक का शव नगर से करीब पांच किमी दूर स्यालीधार के जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिला है। जंगली जानवरों ने शव के एक पैर का मांस नोंचकर खा रखा था। आशंका जताई जा रही है कि चालक ने आत्महत्या की है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
महिला डेरी का चालक गिरीश चंद्र जोशी (42) धौलादेवी ब्लाक के खेती के निकट धूरा गांव का रहने वाला था। वह अल्मोड़ा में लक्ष्मेश्वर में किराए के मकान में रहता था। गिरीश जोशी पांच जनवरी से लापता था। काफी खोजबीन करने के बाद भी उसका पता नहीं चला था।
बृहस्पतिवार को पुलिस को नगर से पांच किमी दूर स्यालीधार के जंगल में शव होने की जानकारी मिली। पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त महिला डेरी के लापता चालक गिरीश चंद्र जोशी के रूप में हुई।
कोतवाल पीसी भट्ट ने बताया कि मृतक के एक पांव का मांस जंगली जानवरों ने नोच कर खा लिया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारणों का पता चल सकेगा।