सल्ट तहसील के हिनौला बाजार में नवंबर में मोबाइल की दुकान में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा। मेडिकल कराने के दौरान एक आरोपी मौका पाकर अस्पताल से फरार हो गया। उसने हिनौला बाजार की दुकान से चोरी किए गए मोबाइल सैट बेचने के लिए कानेखलपाटी गांव में दुकान खोल दी थी। गिरफ्तार दूसरे आरोपी को जेल भेज दिया है जबकि तीसरे नाबालिग आरोपी को उसके पिता को सुपुर्द किया गया।
हिनौला निवासी दीपक उपाध्याय की मोबाइल की दुकान से 24 नवंबर की रात चोरी हुई थी। चोर ताला तोड़कर 45 मोबाइल, 15 हजार के रिचार्ज कूपन, 12 हजार की नकदी समेत कुल 90 हजार रुपये का सामान ले गए थे। दीपक ने चोरी की रिपोर्ट थाने में लिखवाई थी। संदेह होने पर दीपक हिनौला से चार किमी दूर कानेखलपाटी गांव में मुकेश मनराल द्वारा खोली गई मोबाइल की नई दुकान में जा पहुंचा।
उसने दुकान में रखे मोबाइलों के ईएमआईआर नंबर अपनी दुकान के चोरी गए मोबाइल सैटों से मिलान किए। अधिकांश मोबाइल सैट उसकी दुकान से चुराए थे। दीपक ने मौके से ही पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने चोरी के सैट दुकान पर रखने वाले मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए मुकेश ने पुलिस को बताया कि गेठिया निवासी तरुण मनराल से एक किशोर ने भी उसके साथ चोरी की।
पुलिस की सख्ती के बाद मुकेश ने अपने फोन से दोनों साथियों को किसी काम के बहाने मौके पर बुला लिया। बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल में मेडिकल कराने के दौरान मुकेश मौका पाकर फरार हो गया। तरुण मनराल को पुलिस ने जेल भेज दिया जबकि नाबालिग आरोपी को उसके पिता के सुपुर्दगी में दे दिया गया है। पुलिस ने तीनों के पास से पांच मोबाइल सेट, 11 मोबाइल बैट्री, 21 मोबाइल कवर, रिचार्ज कूपन समेत कुल 38 हजार रुपये का सामान बरामद किया। तरुण ने बताया कि चुराए गया अन्य सामान उसने बेच दिया है।