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पूर्व शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी पर हाइकोर्ट ने लगाई रोक

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अल्मोड़ा। जिला सहकारी बैंक लमगड़ा शाखा में करीब 80 लाख के घोटाले में दोषी पायी गई लमगड़ा पूर्व शाखा प्रबंधक ममता शैलेंद्र चंद की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। ममता शैलेंद्र चंद ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रतिलिपि शुक्रवार को बैंक के मुख्यालय में प्राप्त करा दी है। बताया गया है कि एक अन्य शाखा प्रबंधक संजय लोबियाल और मुख्य आरोपी कैशियर जीवन सिंह बिष्ट को भी गिरफ्तारी पर स्थगनादेश मिल गया है। हालांकि इन दोनों ने फिलहाल आदेश की कॉपी बैंक में नहीं दी है।

बता दें कि जिला सहकारी बैंक की लमगड़ा शाखा में पिछले करीब चार-पांच सालों के भीतर दर्जनों बैंक ग्राहकों के खातों से करीब करीब 36 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। इसके अलावा मोतियापाथर और चायखान प्राइमरी एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा जमा की गई करीब 44 लाख रुपये की राशि भी हड़प ली। इस मामले में बैंक प्रबंधन की ओर से 12 दिसंबर को कैशियर रहे जीवन सिंह बिष्ट के अलावा पूर्व शाखा प्रबंधक संजय लोबियाल और ममता शैलेंद्र चंद के खिलाफ लमगड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। बताया गया है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद तीनों ही लोगों ने गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और पता लगा है कि तीनों को ही कोर्ट से राहत मिल गई है।
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जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक विवेकानंद पांडे ने बताया कि शुक्रवार को एक पूर्व शाखा प्रबंधक ममता शैलेंद्र चंद ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रतिलिपि प्रस्तुत कर दी है। जिसमें अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है। हाईकोर्ट ने किसी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई भी नहीं करने को कहा है। बैंक महाप्रबंधक ने कहा है कि ममता शैलेंद्र चंद द्वारा जमा कराए गए हाईकोर्ट के आदेश के बारे में कानूनी राय ली जाएगी और उसके बाद ही निलंबन और अन्य कार्रवाई के बारे में फैसला किया जाएगा। हालांकि अन्य दोनों आरोपियों ने फिलहाल स्थगनादेश की कॉपी जमा नहीं कराई है।
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