ताड़ीखेत ब्लॉक पाली-नदुली-भुइना-जखोली मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि मोटर मार्ग निर्माण की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद सड़क न बनना असहनीय है। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने दीपावली के बाद 16 नवंबर से गनियाद्योली में अनशन की चेतावनी दी है।
पाली नदुली, भुइना, जखोली सहित तमाम गांव गनियाद्योली से तीन किमी की दूरी पर स्थित हैं। गनियाद्योली-थापला मार्ग से पाली-नदुली मोटर मार्ग के लिए पहाड़ कटान का काम 2008 में शुरू हुआ था, लेकिन तब से सड़क नहीं बन सकी है। जिस कारण ग्रामीणों को चार से पांच किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है।
इधर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त बैठक कर कहा कि वन निगम ने पेड़ों का कटान भी कर दिया है। 26 मई तक जॉब पिलर भी बन चुके हैं। इसके बावजूद मार्ग का निर्माण न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्तमान समय में दूरदराज के गांव भी यातायात सुविधा से जुड़ चुके हैं, लेकिन उनके गांव वंचित हैं।
ग्रामीणों ने इसके लिए अब आंदोलन की रूपरेखा तय कर ली है। संघर्ष समिति पाली नदुली मोवड़ी का गठन कर लिया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मार्ग की डीपीआर बनकर शासन को भेजी गई है, यह मामला शासन स्तर पर लंबित है। संपूर्ण कार्यक्रम में मोवड़ी प्रधान दीपा देवी, सूरज बिष्ट, दिगपाल सिंह, प्रताप रावत, भजन सिंह, नर सिंह रावत, कमल सिंह रावत, हीरा सिंह रावत, कैलाश पांडे आदि शामिल थे।