निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद बहुप्रतीक्षित कोसी बैराज मार्च 2015 से शुरू हो जाना था, लेकिन यह साल समाप्त होने को है यह योजना पूरी नहीं हो सकी है। अब इसके अगले साल ही पूरा होने की उम्मीद है।
इसके अलावा धौलादेवी ब्लॉक की सरयू-दन्यां-बेलक और दोड़म पंपिंग योजनाओं में जून 2015 से आपूर्ति सुचारु हो जानी थी पर जल निगम की सुस्त गति के चलते जून 2016 में भी पानी की आपूर्ति होने की संभावना नहीं है।
कोसी नदी में बैराज निर्माण का काम दो साल से चल रहा है। करीब 33 करोड़ की लागत से बनने वाले बैराज का काम पूरा हो जाने पर कोसी नदी में एक किमी लंबी झील अस्तित्व में आनी है।
झील बन जाने पर नगर और आसपास के क्षेत्रों को मांग के मुताबिक पेयजल आपूर्ति होगी साथ ही झील बन जाने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बैराज का काम पूरा करने को शासन ने 31 मार्च 2015 की समयावधि निर्धारित की थी। नौ महीने से भी अधिक समय बीत गया है पर कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग अब भी काम पूरा नहीं करा सका है।
धौलादेवी ब्लॉक में 46 ग्राम पंचायतों के 280 से अधिक गांवों में पेयजलापूर्ति को सरकार ने 35.77 करोड़ रुपये और दोड़म पंपिंग योजना को करीब सात करोड़ मंजूर किए थे।
दोड़म योजना से सात ग्राम पंचायतों के 25 से अधिक गांव लाभान्वित होने हैं। जल निगम को इन दोनों योजनाओं में जून 2015 में पानी की आपूर्ति करनी थी पर अब तक काम ही पूरा नहीं हो सका है। काम की धीमी रफ्तार को देखते हुए जून 2016 तक भी सरयू योजना में पानी चल पाने की उम्मीद नहीं है।
जल निगम के अधिशासी अभियंता राम बाबू मौर्य ने बताया कि दोड़म योजना में मुख्य टैंक तक पानी चला दिया है। अब स्वैप मोड में ग्राम पंचायतें अपने गांवों के लिए सप्लाई लाइनें बिछा रही हैं। उन्होंने बताया कि सरयू योजना में काम की गति धीमी है। ठेकेदार को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जून 2016 तक मुख्य टैंकों में पानी चलाने का लक्ष्य है।