पेयजल निगम का राजकीयकरण करने और तीन माह के वेतन का भुगतान करने समेत अन्य मांगें पूरी नहीं होने से नाराज पेयजल निगम कर्मचारी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
कर्मचारियों ने निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम कार्यालयों में तालाबंदी कर धरना दिया। इस दौरान कामकाज ठप रहा। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के आह्वान पर निगम कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि निगम कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है।
निगम के पेंशनरों को भी तीन माह से पेंशन नहीं मिली है। इस कारण कर्मचारियों और पेंशनरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन का भुगतान शीघ्र करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
पूर्व में सरकार के साथ हुए समझौतों को लागू किया जाए। कहा कि पेयजल निगम का राजकीयकरण किया जाना चाहिए।
धरने पर अधीक्षण अभियंता बीके पंत, अधिशासी अभियंता एन लाल, सहायक अभियंता केडी भट्ट, ललित गौड़, प्रांतीय उपाध्यक्ष अरविंद जोशी, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष हर सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह फर्त्याल, जिलाध्यक्ष नरेंद्र बिष्ट, जिला सचिव राहुल बिष्ट, घनश्याम लोहनी, कुंदन सिंह बिष्ट, किशन सिंह बोरा, मोहन चंद्र भट्ट, प्रदीप वर्मा, नवीन चौहान, कमल मासीवाल आदि बैठे। अध्यक्षता यतेंद्र सिंह लस्पाल ने की।