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दुश्वारियां तो बढ़ाईं, लेकिन बेहतर भविष्य की सीख भी दे रहा कोरोनाकाल

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चौबटिया देवी मंदिर में आशीर्वाद लेते दूल्हा-दुल्हन। - फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोरोना संक्रमण के चलते भले ही दुनिया की दुश्वारियां बढ़ी हों, लेकिन कोरोनाकाल कई मायनों में लोगों को नए अनुभव दे गया। खासतौर पर स्वच्छता के प्रति जहां लोग सजग दिख रहे हैं, वहीं लोग भविष्य में भी धूम धड़ाके के बजाय सादगीपूर्ण विवाह समारोह के पक्षधर हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद विवाह समारोह में तेजी से आयोजित हो रहे हैं। ना बैंड, न टेंट, सादगी के साथ सामाजिक दूरी बनाते हुए मात्र 40 से 50 लोगों की मौजूदगी में दुल्हन विदा और कानफोड़ू संगीत से ध्वनि प्रदूषण का खतरा भी बेहद कम।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिभुवन फर्त्याल का कहना है कि लॉकडाउन में प्रकृति का भी नया रूप देखने को मिला। यही समय है कि मनुष्य को अब संभलना होगा। व्यापार संघ अध्यक्ष भगवंत नेगी सहित तमाम अन्य लोग सादगीपूर्ण विवाह को भविष्य में भी तवज्जो देने की बात कर रहे हैं। इधर, अब मंदिर खुल चुके हैं, कई मंदिरों में भी शादी समारोह सादगी के साथ सम्पन्न हो रहे हैं। शादी के बाद भगवान के दर्शनों के के लिए भी दूल्हा दुल्हन मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।
चौबटिया के गणेश चंद्र के पुत्र विजय कुमार की बरात मंदिर में माता रानी के आशीर्वाद को पहुंची। जिसमें दूल्हे और सभी बारातियों ने मास्क पहनकर दर्शन किए। बरात में कुल 11 लोग शामिल हुए। बारात चौबटिया से लमगड़ा गई थी।
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